इसके परिणामस्वरूप साधक भुव-सागर से उत्तीर्ण होकर परमपद को पा लेता है। यह सिद्धासन समस्त आसनों में अत्यन्त गोपनीय एवं सर्वोत्तम माना जाता है। इसके ध्यानमात्र से ही योगी सभी पापों से विमुक्त हो जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।