इस प्रक्रिया को जानने वाला योगाभ्यासी योगसाधना काल में किसी प्रकार के कष्ट का अनुभव नहीं करता। इसका तात्पर्य यह है कि योगसाधना की प्रक्रिया का ज्ञान प्राप्त कर लेने पर साधक को कष्ट नहीं झेलना पड़ता, किन्तु अज्ञानता की अवस्था में योगसाधना करना साधक के लिए कष्टप्रद सिद्ध होता है।
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