इस अग्नि को प्रज्वलित करने हेतु किसी सुयोग्य गुरु से दीक्षा लेने के पश्चात् इसमें अन्नाहुति देनी चाहिए। अर्थात् गुरु से ज्ञान प्राप्त कर मानव को संतुलित आहार ग्रहण करने चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।