उस आधार पद्म की कर्णिका में एक त्रिकोणाकार योनि अवस्थित रहती है जिसे सभी शाखों ने परम गोपनीय कहा है। अर्थात् इसे किसी अयोग्य व्यक्ति से नहीं कहना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।