ये तीनों नाड़ियाँ अधोमुखी होकर कमल-तन्तु के समान स्थित रहा करती हैं। ये तीनों ही चन्द्र, सूर्य और अग्निस्वरूपिणी होती हैं तथा मेरुदण्ड के आश्रित रहती हैं।
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