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शिव संहिता • अध्याय 2 • श्लोक 13
सार्यलक्षत्रयं नाड्यः सन्ति देहान्तरे नृणाम् । प्रधानभूता नाड्यस्तु तासु मुख्याश्चतुर्दश ।।
मनुष्य के शरीर में प्रधानतया साढ़े तीन लाख नाड़ियां होती है जिनमें चौदह नाड़ियों को मुख्य माना गया है जो इस प्रकार से हैं।
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