मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिव संहिता • अध्याय 2 • श्लोक 10
मेरुमूले स्थितः सूर्यः कलाद्वादशसंयुतः । दक्षिणे पथि रश्मिभिर्वहत्यूर्ध्वं प्रजापतिः ।।
मेरुदण्ड (रीढ़ास्थि) से नीचे की ओर द्वादश कलाओं से संयुक्त सूर्य की अवस्थिति रहती है। दक्षिणपथ अर्थात् पिंगला नाड़ीपथ से प्रजापति ऊर्ध्वगामी होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें