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शिव संहिता • अध्याय 2 • श्लोक 1
देहेऽस्मिन् वर्तते मेरुः सप्तद्वीपसमन्वितः । सरितः सागराः शैलाः क्षेत्राणि क्षेत्रपालकः ।।
मानव शरीर के अन्दर ही सात द्वीपों (जम्बू, शाक, कुश, क्रौंच, शाल्मलि, प्लक्ष और पुष्कर) तथा सुमेरु पर्वत का निवास स्थान है।
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