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शिव संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 99
पारमैष्ठ्यमिदं गात्रं पञ्चभूतविनिर्मितम् । ब्रह्माण्डसंज्ञकं दुःखसुखभोगाय कल्पितम् ।।
इस शरीर का निर्माण पंचतत्त्वों से ब्रह्मा के द्वारा किया गया है। इस ब्रह्माण्डसंज्ञक शरीर की कल्पना दुःख-सुखभोग हेतु ही की गयी है।
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