मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिव संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 78
खं शब्दलक्षणं वायुश्चश्चलः स्पर्शलक्षणः । स्याद्रूपलक्षणं तेजः सलिलं रसलक्षणम् ।।
आकाश में केवल एक शब्द गुण ही विद्यमान है, किन्तु वायु के दो गुण हैं। एक चपलता और दूसरा स्पर्शशीलता। अग्नि का गुण केवल रूप और जल का गुण रस होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें