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शिव संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 76
तस्मात्प्रकाशते वायुर्वायोरग्निस्ततो जलम् । प्रकाशते ततः पृथ्वीकल्पनेयं स्थिता सति ।।
आकाश से वायु, वायु से अग्नि, अग्नि से जल तथा जल के द्वारा पृथिवी की उत्पत्ति हई, ऐसी कल्पना की गयी।
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