इस प्रकार का योगसाधक अपने आत्मा से आत्मा को आत्मा में देखता हुआ संसार को विस्मृत कर देता है ओर आनन्दस्वरूपा समाधि में तेजी से रमण करने लग जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।