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शिव संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 62
यस्माज्ञाशितमज्ञानं ज्ञानेन विश्वक्षारणम्‌ । तस्मादात्मा भवेत्‌ ज्ञानं ज्ञानं तस्मात्सनात्तनम्‌ ।।
किन्तु दुःख के आदिअन्त का सम्बन्ध ज्ञान से नहीं रहता। ज्ञान के द्वारा ही अज्ञान का विनष्टीकरण हुआ करता है। इससे यह सिद्ध होता है कि विश्च का मूलभूत कारण ज्ञान ही है। अतः आत्मा ही ज्ञानरूप, नित्य ओर शाश्वत है।
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