किन्तु दुःख के आदिअन्त का सम्बन्ध ज्ञान से नहीं रहता। ज्ञान के द्वारा ही अज्ञान का विनष्टीकरण हुआ करता है। इससे यह सिद्ध होता है कि विश्च का मूलभूत कारण ज्ञान ही है। अतः आत्मा ही ज्ञानरूप, नित्य ओर शाश्वत है।
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