इसी भाँति जब मन में यह दृढ़ निश्चय हो जाता है कि यह वस्तुतः सीप है तो उसमें चाँदी के होने वाला भ्रम नहीं रहता। इसी प्रकार आत्मबोध हो जाने पर संसार का भ्रम दूर हो जाता है।
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