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शिव संहिता • अध्याय 1 • श्लोक 20
कर्मकाण्डं ज्ञानकाण्डमिति वेदो द्विधा मतः । भवति द्विविधो भेदो ज्ञानकाण्डस्य कर्मणः ।।
वेद के दो भाग किये गये है, जिसमें पहला कर्मकाण्ड और दूसरा ज्ञानकाण्ड है। इनमें कर्मकाण्ड और ज्ञानकाण्ड के भी दो-दो भाग कर दिये गये है।
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