कुछेक विद्वान गुप्तशास्त्रों में अध्ययनरत रहने को ही उत्तम मानते हैं, किन्तु कुछ मनुष्यों की ऐसी अवधारणा होती है कि आत्मा ही शाश्वतस्वरूप है और वह सर्वत्र गमनशील भी है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिव संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिव संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।