त्रिदण्डमुपवीतं च वासः कौपीनवेष्टनम् ।
शिक्यं पवित्रमित्येतद्विभृयाद्यावदायुषम् ॥
जब तक आयु रहे, तब तक त्रिदण्ड, उपवीत, वस्त्र (उत्तरीय), कौपीन (लँगोटी), शिक्य (छींका), पवित्र (पवित्री) को धारण करे।
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