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शाट्यायनीय • अध्याय 1 • श्लोक 11
त्रिदण्डं वैष्णवं लिङ्ग वि प्राणां मुक्तिसाधनम्। निर्वाणं सर्वधर्माणामिति वेदानुशासनम् ॥
त्रिदण्ड जो वैष्णवलिङ्ग (संन्यासी के चिह्न विशेष) के रूप में जाना जाता है। यह चिह्न ब्राह्मणों को मुक्ति प्रदान करने वाला है। यह चिह्न वेद का अनुशासन रूप एवं समस्त धर्मों का निर्वाण स्वरूप है।
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