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शारीरिक • अध्याय 1 • श्लोक 6
शब्दस्पर्शरूपरसगन्धाः पृथिवीगुणाः । शब्दस्पर्शरूपरसाश्चापां गुणाः । शब्दस्पर्शरूपा- ण्यग्निगुणाः । शब्दस्पर्शाविति वायुगुणौ। शब्द एक आकाशस्य ॥
शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध ये सभी पृथिवी तत्त्व के गुण कहे गये हैं। शब्द, स्पर्श, रूप और रस - ये सभी जल तत्त्व के गुण बताए गये हैं। शब्द, स्पर्श और रूप - ये तीनों अग्नि तत्त्व के गुण कहे गये हैं। शब्द तथा स्पर्श वायु तत्त्व के गुण बताये गये हैं और आकाश तत्त्व का मात्र एक ही गुण शब्द कहा गया है।
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