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शारीरिक • अध्याय 1 • श्लोक 16
मनो बुद्धिरहंकार खानिलाग्निजलानि भूः । एताः प्रकृतयस्त्वष्टौ विकाराः षोडशापरे ॥
मन, बुद्धि, अहंकार, आकाश, वायु, अग्नि, जल तथा पृथिवी - ये आठ प्रकृति के विकार कहे गये हैं। इनके अतिरिक्त सोलह विकार और बताये गये हैं।
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