अतः राजन्! आप काम का अवलम्बन करके सुन्दर वेषवाली, आभूषणों से विभूषित तथा देखने में मनोहर एवं मदमत्त युवतियों के साथ विहार कीजिये। हम लोगों को इस जगतू में काम को ही श्रेष्ठ मानना चाहिये।
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