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षड्जगीता • अध्याय 1 • श्लोक 2
धर्मे चार्थे च कामे च लोकवृत्तिः समाहिता । तेषां गरीयान्कतमो मध्यमः को लघुश्च कः ॥
लोगों की प्रवृत्ति प्रायः धर्म, अर्थ और काम की ओर होती है। इन तीनों में कौन सबसे श्रेष्ठ, कौन मध्यम और कौन लघु है?
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