तेरी दृष्टि विशाला, कल्याणी खिले हुए कमलों की शोभा की उपमा से उंची अयोध्या, कृपा की धारा सदृश धारा, कुछ२ मधुरा, भोगवति का, सबकी रक्षा करने वाली अवन्तिका और अनेक नगरों के विस्तार को जीतने वाली विजया है और निश्चय से इन प्रत्येक नगरियों के नाम से संबोधित नाना अर्थो के संदेह को हरण करने के योग्य है। अर्थात् प्रत्येक के नाम की भाव सूचक है।
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