(पलंग का ध्यान)
ब्रह्मा हरि रुद्र और ईश्वर द्वारा रक्षा किये जाने वाले ( क्रमश: मूलाधार, स्वाधिष्टान, मणिपूर और अनाहत् चक्र ) तेरे मंच के चार पाये हैं, अर्थात् चारों तेरा मंच बनाते हैं उस पर बिछी हुई स्वच्छ छाया की बनी हुई कपट रुपी माया की चादर शिव है, जो तेरी प्रभा के झलकने के कारण अरुण दिख पड़ने से एसी प्रतीत होती है कि मानो शृङ्गार रस शरीरी बनकर दृष्टि में कुतूहल उत्पन्न कर रहा है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सौन्दर्यलहरी के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
सौन्दर्यलहरी के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।