(मुख का ध्यान)
तेरे चमकते हुए कपोलों पर प्रतिबिंबित दोनों कर्णफूलों युक्त तेरा मुख मुझे चार पहियों वाला कामदेव का रथ जंचता है, जिस पर चढ़कर अथवा जिसका आश्रय लेकर महावीर कामदेव, सूर्य और चन्द्रमा दो पहियों वाले पृथिवी रूपी रथ पर युद्धार्थ सुज्जित शंकर के विरुद्ध अड़ा है।
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