मणिपुरवासी और कामरूपी सूर्य-द्वारा तप्त तीनों लोकों पर अमृत वर्षा करनेवाले, कृष्ण मेघ के सदृश काले, अकथनीय विष्णु की मैं उनकी शक्ति (नारायणी) सहित भक्ति करता हूँ, जो उनको अपनी अन्धकारनाशक ज्योति से उसी प्रकार विभूषित करती है, जिस प्रकार विद्युल्लता से मेघ शोभित होता है।
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