हे माता! इस संसार में ब्रह्मा और सौ यज्ञ करनेवाले इन्द्र आदि स्वर्ग के रहनेवाले देवगण बुढ़ापे और मरण को हरनेवाली सुधा (अमृत) को पीकर भी मर जाते हैं। परन्तु शिव कालकूट विष पीकर भी नहीं मरे, इसका कारण तुम्हारे कर्णाभूषणों की महिमा है।
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