तुम्हारे क्षणकालिक कटाक्षरूपी आशावश ब्रह्मा विश्व की सृष्टि, विष्णु इसका पालन और रुद्र इसका संहार करते हैं। ईश (ईश्वर) हन (क्रियाओं को) को तुच्छ समझकर निश्चल है और सदाशिव सबको अपने में लय कर लेता है।
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