ब्रह्मा ने तुम्हारे चरणकमल के धूलिकणों से ही लोकों की सृष्टि की है। विष्णु इन लोकों को किसी प्रकार अर्थात् अपने सम्पूर्ण सामर्थ्य से अपने हजार शिरों पर रखे हैं। और शिव ने इनको भस्मसात् कर उसकी भस्म से अपने शरीर को धूसरित कर रखा है।
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