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सरस्वती रहस्य • अध्याय 1 • श्लोक 8
तस्यैवं स्तुवतो नित्यं समभ्यर्च्य सरस्वतीम् । भक्तिश्रद्धाभियुक्तस्य षण्मासात्प्रत्ययो भवेत् ॥
जो व्यक्ति भक्ति और श्रद्धा से युक्त होकर इस प्रकार नित्य भगवती सरस्वती की स्तुति और उपासना करता है, उसके लिए छः मास के भीतर ही सिद्धि, अनुभव अथवा प्रत्यक्ष फल की प्राप्ति होने लगती है।
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