कम्बुकण्ठी सुताम्रोष्ठी सर्वाभरणभूषिता । महासरस्वती देवी जिह्वाग्रे संनिविश्यताम् ॥
शंख के समान सुन्दर कण्ठ वाली, अरुणवर्ण अधरों वाली, तथा समस्त आभूषणों से विभूषितमहासरस्वती देवी मेरी जिह्वा के अग्रभाग में सदा विराजमान हों।
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