यः स ईश्वर इत्युक्तः सर्वज्ञत्वादिभिर्गुणैः । शक्तिद्वयं हि मायाया विक्षेपावृतिरूपकम् ॥
जो (तत्त्व) सर्वज्ञता आदि दिव्य गुणों से युक्त होकर ‘ईश्वर’ कहलाता है, उसकी माया की दो शक्तियाँ मानी गई हैं—विक्षेप (प्रक्षेपण) और आवरण (आच्छादन) रूप वाली।
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