भिक्षा के लिए निकलते समय यदि कोई ब्राह्मणसंन्यासी के समीप आकर उसे भोजन करने के लिए कहे, तो वह ऐसी तात्कालिक भिक्षा को सदा स्वीकार कर सकता है।
यदि कोई ब्राह्मणमठ(आश्रम) में सिद्ध(तैयार) भोजन लेकर आए, तो उसे साधुउपपत्र भिक्षा कहते हैं।
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