संन्यासियों की भिक्षा पाँच प्रकार की कही गई है—
असंकल्पित माधूकर, प्राक्प्रणीत, अयाचित, तात्कालिक तथा उपपत्र।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
संन्यास के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।