रात्रि के आहार(भोजन) की अपेक्षा उपवास अधिक श्रेष्ठ है। उपवास की अपेक्षा अयाचित भिक्षा(बिना माँगी हुई भिक्षा) अधिक श्रेष्ठ है। अयाचित भिक्षा की अपेक्षा माँगकर भिक्षा ग्रहण करना कहीं अधिक श्रेष्ठ है।
अतः यथासम्भव भिक्षा का ही आश्रय लेना चाहिए।
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