आरूढ़-पतित(पूर्व में संन्यास ग्रहण कर उससे पतित हुआ व्यक्ति), पतित व्यक्ति की संतान, कुरूप नखों वाला, श्याव-दन्त(अस्वाभाविक अथवा विकृत दाँतों वाला),
क्षयरोग से पीड़ित तथा अंग-विकल व्यक्ति — ये संन्यास ग्रहण करने के अधिकारी नहीं माने गए हैं।
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