'हंस' नामक संन्यासी जटाधारी (लम्बे केशों वाला, त्रिपुण्ड्र एवं ऊर्ध्व पुण्डू को धारण करने वाला, अनजान स्थान पर माँगकर भोजन करने वाला तथा कौपीन (लँगोटी) मात्र धारण करने वाला होता है।
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