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संन्यास • अध्याय 2 • श्लोक 23
स संन्यासः षड्विधो भवति कुटीचकबहूदकहंस। परमहंसतुरीयातीतावधूताश्चेति ॥
इस संन्यास के छः भेद हैं - कुटीचक, बहूदक, हंस, परमहंस, तुरीयातीत तथा अवधूत।
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