संन्यासी को बिना पूछे कभी नहीं बोलना चाहिए।
यदि कोई अनीति अथवा अन्यायपूर्वक प्रश्न करे, तब भी उसे उत्तर नहीं देना चाहिए।
ज्ञानवान् होते हुए भी संन्यासी को (जनसामान्य के समक्ष)मूढ़ के सदृश आचरण करना चाहिए।
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