सन्धि, विग्रह, यान, मञ्च(पलङ्ग), श्वेत वस्त्र, वीर्य-त्याग, दिन में शयन तथा धातु(सोना आदि) के भिक्षापात्र—इन सबका संन्यासी को परित्याग करना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
संन्यास के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।