जो व्यक्ति बार-बार पापमित्रों का साथ करे, माता-पिता की हत्या करे या संघ को तोड़े, वह भी यदि धर्म के अर्थ पर मनन करे तो मुक्त हो सकता है; परन्तु जिसका मन धर्म के प्रति विरोधी है, उसके लिए मुक्ति कैसे संभव है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रत्नगोत्रविभाग के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रत्नगोत्रविभाग के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।