जैसे समुद्र की गहराई में स्थित दुर्लभ रत्न को पाना कठिन है, वैसे ही क्लेशों से ग्रस्त मन वाले संसार में तथागत का दर्शन भी अत्यन्त दुर्लभ है।
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