च्युतिर्गर्भाक्रान्तिजननपितृवेश्मप्रवेशनं रतिक्रीडारण्यप्रविचरणमारप्रमथनम् । महाबोधिप्राप्तिः प्रशमपुरमार्गप्रणयनं निदर्श्याधन्यानां नयनपथमेति न मुनिः ॥
देवलोक से अवतरण, गर्भ में प्रवेश, जन्म, माता-पिता के घर में रहना, वन में तपस्या, मार का पराजय, महाबोधि की प्राप्ति और शांति के मार्ग का उपदेश—इन सबका उदाहरण दिखाते हुए मुनि प्राणियों को शिक्षा देते हैं।
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