जैसे मेघ वर्षा करते समय स्थान विशेष का विचार नहीं करते, वैसे ही प्रज्ञा और करुणा से युक्त बुद्ध सभी प्राणियों के क्लेशों को दूर करने के लिए धर्म का उपदेश देते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रत्नगोत्रविभाग के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रत्नगोत्रविभाग के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।