उसे गुरु (महान) क्यों कहा जाता है? क्योंकि वह सारयुक्त है। सारयुक्त क्यों है? क्योंकि वह दृढ़ है। दृढ़ क्यों है? क्योंकि वह अभेद्य है—और अभेद्य होने के कारण वह वज्र के समान है।
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