गङ्गातीर में अवस्थित रजकणों के समान सङ्ख्यायुक्त सभी प्रभास्वर बुद्ध धर्मो से, जो अकृतक लक्षण सम्पन्न हैं और अभिनिर्भाग वृत्तियो से युक्त बुद्धत्व है।
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