कुपद्म में बुद्ध, मक्षिकाओं में मधु, तुषा में अन्नों का सार, अशुचि में सुवर्ण, निधि पृथिवी में, अल्पफल में अङ्कुर आदि, इसी प्रकार भिगे हुए वस्त्रो में जिनों का आत्मभाव रहता है।
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