अथ तेभ्यः प्रभू राजा प्रयच्छेददूष्यमाज्ञया। सर्वैरेवात्र युष्माभिः कार्या प्रतिकृतिर्मम॥
इसी क्रम में उनके मालिक राजा ने सभी चित्रकारों को आज्ञा दी कि सब आप मिलकर मेरा चित्र बनायें।
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