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रत्नगोत्रविभाग • अध्याय 1 • श्लोक 78
अथ चाणोः पृथिव्याश्च गोस्पदस्योदधेश्च यत्‌। अन्तरं बोधिसत्त्वानां बुद्धस्य च तदन्तरम्‌॥
इनमें, बोधिसत्त्व और तथागतों में इतना ही भेद है - तथागत पृथिवी हैं तो बोधिसत्त्व उसका परमाणु और तथागत समुद्र स्थानीय हैं तो बोधिसत्त्व गाय के खुर के जल के समान।
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