इन बुद्ध के पूर्वोक्त तीन गुण के तीन स्वभाव भी हैं। वे हैं प्रभाव, अनन्यथा भाव एवं स्निग्ध भाव। इन तीनों के स्वभाव भी क्रमशः चिन्तामणि (रत्न), आकाश तथा (स्वच्छ) जल के तरह ही हैं।
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